मुंबई के धारावी में धीमी हुई कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार, केंद्र ने भी की तारीफ
एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी में कोरोना वायरस के प्रसार में कमी दर्ज की गई है। यहां कोरोना के मामले दोगुने होने की दर (डबलिंग रेट) में काफी सुधार देखने को मिला है। रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा अपनाए गए सक्रिय उपायों के कारण धारावी में यह सुधार देखने को मिला है।

मुंबई के इस इलाके में अप्रैल में कोरोना के मामलों की वृद्धि दर 12 फीसदी और दोगुने होने की दर 18 दिन थी। मई में यह वृद्धि दर घट कर 4.3 फीसदी हुई जो जून में 1.02 फीसदी पर आ गई है। यहां डबलिंग रेट भी अब 78 दिन हो गया है। मई में यहां कोरोना के मामलों के दोगुने होने की अवधि 43 दिन थी।
बीएमसी द्वारा कोविड-19 के रोगियों के नियमित परीक्षण और उन्हें अलग करने जैसे कदमों ने काफी हद तक संक्रामक बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार और बीएमसी ने कोविड-19 को लेकर दिशानिर्देशों का बखूबी पालन किया, जिससे यहां सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
बेहद सघन इलाका है धारावी, एक कमरे में रहते हैं आठ से 10 लोग
मुंबई का धारावी बहुत सघन आबादी वाला क्षेत्र है। यहां प्रति वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में करीब दो लाख 27 हजार 136 लोग रहते हैं। ऐसे में यहां कोरोना संक्रमण का प्रसार बहुत तेजी से हो रहा था। यहां की 80 फीसदी जनसंख्या सार्वजनिक शौचालयों का इस्तेमाल करती है और छोटे-छोटे कमरों में आठ से 10 लोग रहते हैं।
ऐसी स्थितियों में सोशल डिस्टेंसिंग जैसे मानक केवल नाम भर के रह जाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में बीएमसी के सामने यहां कोरोना वायरस का प्रसार नियंत्रित करना बड़ी चुनौती थी। इन हालात में यहां कोरोना का प्रसार रोकने के लिए बीएमसी ने 'ट्रेसिंग, ट्रैकिंग, टेस्टिंग और ट्रीटिंग' के फॉर्मूले पर काम किया।
शनिवार को मिले अब तक एक दिन में सबसे कम मामले
बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, 19 जून को धारावी में कोविड-19 के 17 नए मामले मिले थे। वहीं, अगले दिन यानी शनिवार को कोरोना के महज सात नए मामले सामने आए, जो अब तक यहां एक दिन में सबसे कम मामले हैं। फिलहाल धारावी में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 2,158 है।
यहां फिलहाल कोरोना के कुल 2158 मामलों में से 1057 रोगी ठीक हो चुके हैं। इसके अलावा यहां कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा 80 हो गया है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक समय कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट रहे धारावी में पिछले चार सप्ताह से नए मामलों में लगातार कमी आई है।
मुंबई के इस इलाके में अप्रैल में कोरोना के मामलों की वृद्धि दर 12 फीसदी और दोगुने होने की दर 18 दिन थी। मई में यह वृद्धि दर घट कर 4.3 फीसदी हुई जो जून में 1.02 फीसदी पर आ गई है। यहां डबलिंग रेट भी अब 78 दिन हो गया है। मई में यहां कोरोना के मामलों के दोगुने होने की अवधि 43 दिन थी।
- महीना वृद्धि दर डबलिंग रेट
- अप्रैल 12 फीसदी 18 दिन
- मई 4.3 फीसदी 43 दिन
- जून 1.02 फीसदी 78 दिन
बीएमसी द्वारा कोविड-19 के रोगियों के नियमित परीक्षण और उन्हें अलग करने जैसे कदमों ने काफी हद तक संक्रामक बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार और बीएमसी ने कोविड-19 को लेकर दिशानिर्देशों का बखूबी पालन किया, जिससे यहां सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
बेहद सघन इलाका है धारावी, एक कमरे में रहते हैं आठ से 10 लोग
मुंबई का धारावी बहुत सघन आबादी वाला क्षेत्र है। यहां प्रति वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में करीब दो लाख 27 हजार 136 लोग रहते हैं। ऐसे में यहां कोरोना संक्रमण का प्रसार बहुत तेजी से हो रहा था। यहां की 80 फीसदी जनसंख्या सार्वजनिक शौचालयों का इस्तेमाल करती है और छोटे-छोटे कमरों में आठ से 10 लोग रहते हैं।
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ऐसी स्थितियों में सोशल डिस्टेंसिंग जैसे मानक केवल नाम भर के रह जाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में बीएमसी के सामने यहां कोरोना वायरस का प्रसार नियंत्रित करना बड़ी चुनौती थी। इन हालात में यहां कोरोना का प्रसार रोकने के लिए बीएमसी ने 'ट्रेसिंग, ट्रैकिंग, टेस्टिंग और ट्रीटिंग' के फॉर्मूले पर काम किया।
शनिवार को मिले अब तक एक दिन में सबसे कम मामले
बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, 19 जून को धारावी में कोविड-19 के 17 नए मामले मिले थे। वहीं, अगले दिन यानी शनिवार को कोरोना के महज सात नए मामले सामने आए, जो अब तक यहां एक दिन में सबसे कम मामले हैं। फिलहाल धारावी में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 2,158 है।
यहां फिलहाल कोरोना के कुल 2158 मामलों में से 1057 रोगी ठीक हो चुके हैं। इसके अलावा यहां कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा 80 हो गया है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक समय कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट रहे धारावी में पिछले चार सप्ताह से नए मामलों में लगातार कमी आई है।